ओलंपिक खेल का इतिहास क्या हैं? | Brief History Of Olympic Games

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History Of Olympic Games | ओलंपिक खेल का इतिहास और कुछ अनोखे लेकिन महत्वपूर्ण तथ्य-

History Of Olympic Games
Match between two athletes in ancient greece.

कहाँ से आरंभ हुआ “Olympic” ? (History of Olympics)

इतिहास क्या कहता है? History of olympic in hindi

ओलंपिक खेल (Olympic Games) की जड़ें प्राचीन ग्रीस यूनान से जुड़ी हैं। ये खेल प्राचीन काल में ही शुरू हो गया था। उस समय शांति काल में योद्धाओं के बीच खेल के द्वारा मुक़ाबला कराया जाता था। ये मुक़ाबला सैनिक प्रशिक्षण का हिस्सा हुआ करते थे। इसमें मुक्केबाज़ी, कुश्ती, दौड़, रथों की रेस, घुड़सवारी ,आदि शामिल होते थे।

इन मूल ग्रीक खेलों को हर चौथे वर्ष में कई सौ वर्षों तक खेला गया। लेकिन प्रारंभिक ईसाई युग में धीरे-धीरे इन्हें समाप्त कर दिया गया। ओलंपिक खेलों ने 1896 में एक बार फिर वापसी की और तब से प्रथम विश्व युद्ध (First World War) और द्वितीय विश्व युद्ध (Second World War) (1916, 1940, 1944) को छोड़कर हर चौथे वर्ष में ओलिम्पिक का आयोजन किया जा रहा है।

Modern Olympics की शुरुआत

पहले आधुनिक ओलंपिक खेल (Modern Olympic Games) यूनान (ग्रीस) की ही राजधानी एथेंस में 1896 में आयोजित किए गए थे। पहले तय हुआ था कि ये खेल 1900 में पेरिस से शुरू किए जाएंगे लेकिन 4 वर्ष पूर्व ही एथेंस को चुन लिया गया। पहले ओलिम्पिक खेल में केवल 14 ही  देशों के लगभग 214 खिलाड़ियों ने 43 मुक़ाबलों में हिस्सा लिया था।

History Of Olympic Games
Ethens- First Modern Olympics in 1986

एथेंस के बाद ओलंपिक की मेजबानी का मौका 1900 में पेरिस को मिला। लेकिन पेरिस में आयोजित Olympics 1900 में एथेंस जैसा उत्साह देखने को नहीं मिला। इसके बाद ओलिम्पिक को एक आंदोलन का स्वरूप लेने में कई साल लग गए। 1900 और 1904 में उत्साह कि कमी रही लेकिन इसके बाद जब लंदन में ओलंपिक का चौथा संस्कारण  हुआ तो मानो इस खेल में नई जान सी आ गई। इस संस्करण में लगभग 2000 खिलाड़ियों ने भाग लिया। ये संख्या अब तक की ओलंपिक में भाग लेने वालों की सबसे अधिक संख्या थी।

‘Olympic’ नाम के पीछे की स्टोरी

इस नाम के पीछे एक लॉजिक है जो आपको शायद ही पता हो। दरअसल, 1896 में पहला ओलंपिक खेल ‘Olympia’ नाम के पर्वत पर खेला गया था, जिसके कारण इस खेल का नाम ‘Olympic’ ही रख दिया गया।

ओलंपिक ध्वज (Olympics Flag)

History Of Olympic Games

पांच ओवरलैपिंग रिंगों से युक्त ओलंपिक ध्वज (Olympic Flag) 1913 में डिजाइन किया गया था। रिंग्स महाद्वीपों (Continents) और एथलीटों की एकता का प्रतीक माने जाते हैं। अब आप सोचेंगे अभी तक तो आपको सात भौगोलिक महाद्वीप (geographical continents) का पता था, तो यहाँ केवल पाँच क्यों ? दरअसल, अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता के उद्देश्यों के लिए अंटार्कटिका (Antarctica) को बाहर रखा गया है और पारंपरिक रूप से उत्तर और दक्षिण अमेरिका (North America & South America) को एक साथ “अमेरिका” (America) के रूप में ही माना जाता है।

ओलंपिक ध्वज ने 1914 के ओलंपिक कांग्रेस (Olympic Congress) के दौरान पेरिस में अपनी पहली सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज की, हालांकि यह 1920 तक ओलंपिक खेलों में नहीं फहराया गया था।

ओलंपिक पदक (Olympic Medals)

History Of Olympic Games
Olympic Medals

शुरुआत में, यह निर्धारित किया गया था कि शीतकालीन खेलों (Winter Olympic Games) के लिए ओलंपिक पदक (Olympic Medals) ग्रीष्मकालीन खेलों (Summer Olympic Games) से अलग होना चाहिए।

आज, उनके डिजाइन को IOC (International Olympic Committee)  और OCOG (Organising Committee for the Olympic Games) द्वारा परिभाषित कुछ दृश्य तत्वों को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया जाता है। और IOC को फ़ाइनल अप्रूवल का हक़ है। फैसला लिया गया था कि विजय की ग्रीक देवी को अग्रभाग पर नहीं दिखना चाहिए। अब ओलंपिक पदकों में ओलंपिक प्रतीक चिन्ह (Olympic Emblem), खेल का पूरा नाम (Name of game), खेल या अनुशासन का नाम (Sports Name) और OCOG का प्रतीक (OCOG’s emblem) दिखाना अनिवार्य है ।

अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (International Olympic Committee) का क्या काम ?

अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (International Olympic Committee) एक लाभ-रहित (Not-For-Profit) स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो खेल के माध्यम से एक बेहतर दुनिया के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। अप्रैल 1896 में आधुनिक युग के पहले ओलंपिक खेलों से ठीक दो साल पहले 23 जून 1894 को बनाया गया, IOC ओलंपिक आंदोलन का सर्वोच्च अधिकारी है।

History Of Olympic Games

ओलंपिक आंदोलन (Olympic Movement) के नेता के रूप में International Olympic Committee, ओलंपिक परिवार के तमाम पक्षों जैसे NOC (National Olympic Committees), If’s (International Sports Federations ), एथलीटों और OCOGs से लेकर ओलंपिक वर्ल्डवाइड पार्टनर्स, ब्रॉडकास्ट पार्टनर्स और यूनाइटेड नेशंस (UN) तक सभी को जोड़ कर रखता है। इतना ही नहीं, IOC ओलंपिक आंदोलन के सभी संबन्धित सदस्य संगठनों का समर्थन करता है और उचित तरीकों से, ओलंपिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए दृढ़ता से प्रोत्साहित करता है। साथ ही प्राइवेट एवं कमर्शियल सैक्टर से ओलंपिक आयोजन के लिए आर्थिक भागीदारी लेने की ज़िम्मेदारी भी International Olympic Committee की ही है।

क्या आप जानते हैं ये चौंकाने वाले मजेदार तथ्य (Some Interesting & Surprising Facts of olympics)

  • स्वर्ण पदक अधिकतर चांदी के बने होते हैं।
  • आज तक केवल तीन ही आधुनिक ओलंपिक खेलों (Modern Olympic Games) को रद्द किया गया है। पहला, प्रथम विश्व युद्ध (1916) और बाकी दो, द्वितीय विश्व युद्ध (1940, 1944) के दौरान ।
  • प्रत्येक राष्ट्रीय ध्वज में कम से कम ओलंपिक रिंग का एक रंग दिखाई देता है।
  • ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन ओलंपिक (Summer & Winter Olympics) के दौरान केवल एक ही व्यक्ति American Eddie Eagan ने कभी स्वर्ण पदक जीता है।
  • आधुनिक युग में सबसे कम उम्र का ओलंपियन, ग्रीक जिम्नास्ट दिमित्रियो लुंड्रास (Dimitrios Loundras)  है, जिसने 10 साल की उम्र में Athens Olympics 1896  में भाग लिया था।
  • हर आधुनिक युग के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों (Modern Summer Olympic Games) में केवल पाँच ही देशों का प्रतिनिधित्व किया गया है। (Greece, Great Britain, France, Switzerland & Australia)
  • Olympic नाम, Olympia शहर के नाम पर रखा गया है।
  • लंदन शहर में तीन बार ग्रीष्मकालीन ओलंपिक (Summer Olympics) आयोजित किया गया है ।(1908, 1948 और 2012)
  • 2020 ,में कोरोनावायरस (COVID-19) की वैश्विक महामारी के कारण इतिहास में पहली बार Olympic Games 2020 को पोस्टपोन (postpone) किया गया।

Summer Olympics 2020 पर कोरोना पड़ा भारी !

COVID-19 के प्रकोप का सर ओलंपिक्स पर भी पड़ता दिख रहा है। वैश्विक स्तर (Global Level) पर 34 लाख से अधिक लोग COVID-19 से संक्रमित हो चुके हैं और बीमारी से होने वाली मौतों की कुल संख्या दो लाख से भी अधिक हैं। ऐसे हालातों में 2020 में जापान के टोक्यो में होने वाली Olympic Games 2020 को स्थगित (postpone) कर दिया गया है। इसे  एक साल यानि 2021 तक  के लिए टाला गया है। ऐसा इतिहास में पहली बार हुआ है कि ओलंपिक खेलों को स्थगित किया गया हो।

टोक्यो में होने वाली Olympic Games 2020 हुई पोस्टपोन!

History Of Olympic Games
Japan’s Olympics minister says that the country’s contract with the International Olympic Committee allows it to postpone the games until the end of the year [File: Athit Perawongmetha/Reuters]

Tokyo Olympics 2020 का आयोजन 24 जुलाई 2020 से लेकर 9 अगस्त 2020 के बीच होना तय था। लेकिन कोरोना के बदते प्रकोप को देखते हुए अब इसे एक वर्ष के लिए टाल दिया गया है। Tokyo Olympics 2020 के लिए जापान के स्टेडियम काफी पहले ही तैयार कर दिए गए थे। आयोजकों ने बड़े स्टार पर खर्चा भी कर दिया था। इतना ही नहीं, ओलंपिक खेलों को देखने के लिए आने वाले लोगों ने बड़ी संख्या में  टिकट भी खरीद लिए थे। लेकिन जैसे ही Coronavirus का प्रकोप फैलने लगा अधिकतर खिलाड़ियों के लिए ओलंपिक की तैयारियां करना भी मुश्किल होता जा रहा था।

शुरुआत में तो International Olympic Committee (IOC) ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया लेकिन जब Coronavirus के कारण कनाडा ने Summer Olympics 2020 में भाग लेने से माना कर दिया तो अन्य देशों ने भी विरोध जताया और अंत में IOC को Olympic Games 2020 को टालना ही पड़ा ।

क्या Olympic Games 2020 कैन्सल होंगी ?

Summer Olympics 2020 के स्थगित हो जाने पर आम लोगों को भी भारी नुकसान हुआ है। बड़ी संख्या में दुनिया भर से लोगों ने एडवांस में Olympics 2020 की टिकट के साथ साथ फ्लाइट और होटल भी बूक किए थे। हालांकि  Tokyo 2020 Organising Committee ने घोषणा की है कि अगर कोई व्यक्ति 2021 में Summer Olympics 2020 में नहीं आ सकता तो उसकी टिकट के पैसे वापस दे दिए जाएंगे।  

कोरोना वायरस कि महामारी पूरी तरह से कब खतम होगी यह अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में जापान के प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि अगर जापान अगली गर्मियों में Tokyo Olympics 2020 आयोजित नहीं कर पाता तो Olympics 2020 कैन्सल ही करना होगा। इसे और अधिक पोस्टपोन करना जापान की क्षमता में नहीं है।

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